Tuesday, January 29, 2013

भ्रष्ट

 मित्रो आजकल एक चर्चा चल रही है कि कांग्रेस सरकार इतने घोटाले करने के बाद टिकी कैसे हुई है आखिर भाजपा कुछ करती क्यों नहीं....? क्या ये सरकार भाजपा के सहारे चल रही है ? ... सब को पता है लोकतंत्र में सरकार संख्या बल के सहारे चलती है..... जिसके पास २७३ सांसद है वो इस देश में सरकार चलाएगा क्योंकि उसके पास बहुमत है.. अब कांग्रेस के अकेली के पास तो इतने सांसद नहीं है कि वो सरकार चला सके, उन्हें कई क्षेत्रीय दल साथ दे रहे है और कांग्रेस देश को लूट रही है...इसका मतलब कांग्रेस से ज्यादा वो लोग दोषी है जो कांग्रेस को साथ दे रहे हैं और देश को लुटवा रहे हैं..क्योंकि अगर ये दल अपना समर्थन वापिस ले ले तो ये कांग्रेस कि लूट बंद हो जायेगी.. लेकिन ये अपना समर्थन वापिस नहीं ले रहे हैं इसका मतलब इनको भी हिस्सेदारी तो मिल रही होगी.... इस बात से सेकुलर और साम्प्रदायिकता को भी हमें समझने कि जरुरत है सेकुलर का मतलब ये नहीं कि वो सभी धर्मों का सम्मान करता है ये "सेकुलर" शब्द आजकल और आजतक सिर्फ देश को लूटनेके लिये इस्तेमाल किया गया है सेकुलरता के नाम पर लालू, मुलायम, मायावती कांग्रेस को अपना समर्थन देकर देश को लूट्वाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है..क्या यही इनका धर्म है देश को इतना लूट्वाने के बाद भी ये लोग कांग्रेस से अपना नाता नहीं तोड़ रहे हैं ..इस कारण कांग्रेस कि ताकत अपने आप बढ़ जाती है...क्योंकि कांग्रेस को पता है कि चाहे वो कितना भी लूट ले ये लोग तो इन्हें समर्थन करते ही रहेंगे और ये हो भी रहा है... आज सभी के मन में एक बात चल रही है कि देश को इतना चुना लगाने के बाद भी ये सरकार चल क्यों रही है ?तो इसका जवाब है लालू, मुलायम, मायावती, ममता ये लोग इस लूट के लिये सबसे ज्यादा जिम्मेदार है अगर ये चाहे तो इस सरकार को देश को लूटने से बचा सकते हैं क्योंकि सत्ता कि चाबी इन्ही के हाथ में है..अब सवाल आता है मीडिया का ... मीडिया वाले क्यों इन पार्टियों को कटघरे में नहीं खड़ा कर रहे है जो देश कि लूट होते हुए भी मूकदर्शक बनी हुई है...क्योंकि मीडिया भी पाकसाफ नहीं है।
मेरे हिसाब से, भारतीय जनता पार्टी अपना भला चाहती है, तो इसे शिवसेना जैसी अलगाव-वादी पार्टीयो से किनारा कर लेना चाहिये..शिव-सेना का खुद का तो कोई  राष्ट्रीय प्रभाव है नही, बी.जे.पी. के कंधे चढ कर केंद्रा में 4-6 कुर्सिया मिल जाती हैं, और भाव खाने लगते हैं शिव-सेना वाले.. छोड़ दो सालो को अलग, औकात दिख जायेगी.. बी.जे.पी. के पास तो खुद का विज़न है, केंद्र में अटल सरकार के रहते हुये देश ने उस विज़न को महसूस किया है.. शिव-सेना ने क्या किया? कभी कर्नाटक से लड़ाई, कभी उ.प्र. से, कभी बिहार से, कभी मुस्लिमो से, कभी ईसाइयो से, कभी बेचारे गरीब ऑटो वालो से, कभी गरीब हॉकर्स से, कभी शाहरुख से..... काम ही क्या है इनका? म. न. से. और शिव-सेना जैसी पार्टीयो से राजनीतिक गठजोड़ रखने पर किसी भी पार्टी की साख  पर बट्टा लग सकता है.
वो तो हमेशा ही कांग्रेस को बचाने में लगे रहते हैं...भाजपा विरोध कर सकती है और वो कर रही है ना तो वो सरकार गिरा सकती है और ना ही बिना बहुमत के इन्हें सजा दे सकती है...ये लोग सेकुलर शब्द का सहारा लेकर अपने घर भर रहे हैं ....जनता को इनकी सच्चाई जाननी चाहिए....और देशहित में एक मजबूत नेता के हाथ में हमारे देश कि कमान देनी चाहिए..... मजबूत नेता कौन है ये बताने कि जरुरत नहीं है क्योंकि आज बच्चे बच्चे के जुबान पर मोदी जी का नाम है...जनता को कांग्रेस के साथ साथ उन्हें सहयोग देने वाले लोगों से ये सवाल पूछने चाहिए..कि वो आखिर कौन सी देश भक्ति दिखा रहे हैं इस सरकार को समर्थन देकर...? आज देश को सेकुलर कि नहीं राष्ट्रवादी कि जरुरत है जो देश को सामने रख कर के देशहित में बड़े फैसले करे..... जय हिंद ... वंदेमातरम .... जय माँ भारती......

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