Wednesday, December 7, 2011

रखता है यूं ही याद किसी को कोई कहां
यह तो बस अपनी अपनी किस्मत की बात है

ये पतझड़ो की कहानियां, सुना-सुना कर उदास न कर/ नये मौसमों का पता बता, जो
गुजर गया वो गुजर गया।

नहीं है हमारा हाल कुछ तुम्हारे हाल से अलग ।
फर्क सिर्फ इतना है की तुम याद करते हो और हम भूल नहीं पाते ।।

तुम भी कमाल करते हो हमें भूल जाते हो
और कहते हो, हम आपके दिल में रहते हैं ।

भ्रष्टाचारियो की भरमार है,
संसद भी लाचार है.
देश लुट रहा है.
ये कैसी सरकार है,
हमे ही कुछ कदम ऊठाने होंगे
कुछ कडे तेवर दिखाने होंगे.
ऐ मेरे दोस्तों ज़रा नींद से जागो
कुछ कर्तव्य हमें भी निभाने होंगे.
... वरना,
ये देश के काले नेता
ज़मीन बेच देंगे, गगन बेच देंगे,
नदी, नाले, पर्वत, चमन बेच देंगे|
अरे! नौजवानों अभी तुम ना संभले,
ये गद्दार मेरा वतन बेच देंगे।
सदाकत से इनको बिठाया जहाँ पर,
ये वो देश की अंजुमन बेच देंगे....देश को बचाने के लिए हमे अन्ना जी के साथ और जोश से खडा होना पडेगा।जय हिन्द, भारत माता की जय ,

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