सच्चा प्रेम
•मुस्कान प्रेम की भाषा है।
•सच्चा प्रेम दुर्लभ है, सच्ची मित्रता और भी दुर्लभ है।
•अहंकार छोडे बिना सच्चा प्रेम नही किया जा सकता।
•प्रसन्नता स्वास्थ्य देती है, विषाद रोग देते है।
•प्रसन्न करने का उपाय है, स्वयं प्रसन्न रहना।
•अधिकार जताने से अधिकार सिद्ध नही होता।
•एक गुण समस्त दोषो को ढक लेता है।
•दूसरो से प्रेम करना अपने आप से प्रेम करना है।


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