Wednesday, December 19, 2012

चाहत ......

 

चाहत

तू मेरी चाहत पर एक एहसान कर !
अपने सारे गम तू मेरे नाम कर....!!
जो लम्हे रुलाते हैं तुझे याद बनकर !
वो आंसू मेरी नजरो के नाम कर...!!

भूल कर तो देखो एक बार हमें !
जिंदगी की हर अदा तुमसे रूठ जाएगी !!
जब भी सोचोगे अपनों के बारे में !
तुम्हे हमारी याद जरुर आएगी !!

कौन जाने कब मौत का पैगाम आ जाये !
जिंदगी की आखरी शाम आ जाये....!!
हम तो ढूंढते हैं वक्त ऐसा....!
जब हमारी जिंदगी आपके काम आ जाये !!

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